प्रतिभा दिनेश कर

"शाला की शिक्षिका हूँ, बच्चों की सखी, काव्य लेखन में मिलती है,मन को रुचि। शब्दों की दुनिया में ढूँढती हूँ नया संसार, कविता बन गई है मेरे जीवन का आधार।। आप सभी को मेरा सादर आभार। मिला मुझे नया परिवार । "

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प्रकाशित रचना

मां को श्रद्धांजलि

"🙏🏻🌸अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित मां 🌸🙏🏻 स्वर्ग की सीढ़ी पर आत्मा आपकी चढ़ती जाए, जन्म मरण से मुक्त होकर मोक्ष की ओर बढ़ती जाए बचपन में चोटी बनव"

निःशब्द प्रेम

"निशब्द प्रेम की परिभाषा ********************* ह्रदयस्थल में जागृत, प्रेम की बयार हो तुम । नग्न चक्षु से दृश्यपटल पर, अनुभूति की बहार हो तुम। जो भिगा द"

मूर्ख दिवस

"मूर्ख दिवस हर बार बन जाती मूर्ख पहले मां अपनी बातों में उलझाया करती थी , अब बहन सताया करती है 😌 बहनों ने हंसकर मुझे यूं मूर्ख बनाया, April Fool कहकर "

नारीत्व

"नारी जीवन संघर्ष है, उसका ऊँचा मान। उससे ही उजियारा है, घर परिवार जहान।। जब-जब उस पर वार हो, अन्यायों की मार। तब-तब न्यायालय करे, न्यायपूर्ण विचार।। ब"

आया नवरात्रि त्योहार

"आया नवरात्रि त्यौहार, होता भक्ति का संचार शेरावाली मैया आई हम सबके द्वार, सज गई चौकी देखो यहां ,दीप जले हैं, हर पल मां का यहां ,प्रेम मिले हैं, होकर ब"

जीवन निरंतर गीत है

"जीवन निरंतर एक गीत है, हम दिल से गाते हैं, जीवन की इस धारा को, सुर में सजाते हैं…॥,,,,,,, जीवन एक निर्झर गीत है ,बहता जाए चुपचाप, पत्थरों से टकराकर भी"

दोस्ती की डोर

"स्कूल के वो सुनहरे पल । याद आते हैं बीते हुए कल।। टॉपर की लगी रहती होड़ । फिर भी दोस्ती होती बेजोड़।। खट्टी मीठी यादों से भरपूर। दोस्त कुछ पास है कुछ "

बरसात का कहर

"मुंबई की क्या करेंगे बात कोकड़ी नाला भी है सौगात, बरसात आते ही रास्ते डूबें, आना-जाना फिर संभव नहीं। स्कूल, मज़दूर, किसान सभी, हर साल यही परेशानी है। "

शिक्षक ही क्यों ??

"जनगणना हो, चुनाव हो—हर काम में हमें बुलाया जाता, शिक्षा का दीप जलाने वाला ही बार-बार घसीटा जाता। एग्जाम का समय, फिर ट्रेनिंग का बोझ, रिजल्ट बनाएं कब—य"

जय जगन्नाथ महाप्रभु 🙏🏻

"जय जगन्नाथ महाप्रभु 🙏🏻 🌞सूरज बिखेरे स्वर्णिम किरणें, नभ मुस्काए आज, रथ पर आए जग के नाथ, मिटे सकल संताप। भक्ति, भाव और प्रेम लिए, दर्शन को व्याकुल प"

परीक्षा पर्व

"परीक्षा पर्व हो रहा अब प्रारंभ। सर्वप्रथम बोर्ड परीक्षाओं का शुभारंभ।। शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं के बुने ताने-बाने।। अब नहीं चलेंगे कोई बहाने।।।"

कोकड़ी नाला की पीरा

"गरमी म नाला सूख जाथे, पानी बर तरसय गाँव, बरसात आवतेंच बाढ़ म बदलय, बढ़ जाथे सबके दाँव। पढ़ई ठप्प, रोजगार बंद, थम जाथे आवागमन, लइका मन स्कूल नइ पहुँच प"

भावनाओं का शोर

"भर लेती हूं कविताओं में उड़ान , पल भर ही सही मिट जाती है थकान, आंखें बंद करूं तो शब्द अंगड़ाइयां लेते, लेखनी हाथ लेकर उसे हम कागज पर उकेर देते , हृदय "

महादेव

"करते हम अभिषेक तुम्हारा, हे शिव शंभू नाथ, अपने भक्तों पर कृपा कर,रखना सर पर दोनों हाथ 🙏🏻 ॐ नमः शिवाय 🪷🪷🪷🪷🏵️🏵️🏵️ प्रतिभा दिनेश कर"

प्यासी धरती मां

"पहला चरण जोताई प्रारंभ धरती थी प्यासी, गिरी पानी की बूँद, मेघों ने छेड़ा सावन का , मधुर सुर-छंद। हरियाली के लिए जरूरी , यह बरसात का मौसम, खेती के लिए "

किताब

"किताबें खामोश होकर भी बहुत कुछ कह जाती हैं, हर पन्ने में नई सोच और नई राह दिखाती हैं।"

जीवन में खेल का महत्व

"खेल जीवन में हैं जरूरी, इनसे होती हर ख्वाहिश पूरी। स्वस्थ तन और स्वस्थ मन हैं पाते, जीवन में नए लक्ष्य हैं अपनाते। खेल सिखाते अनुशासन प्यारा, बनता इसस"

मातारानी की वंदना

"गीत तर्ज ये-मन में बसाकर तेरी मूर्ति वंदन करूं अभिनंदन करूं। वंदन करूं, अभिनंदन करूं, मैया मैं तेरे चरण वंदन करूं॥ जब-जब करूं मैया ,मैं साधना, मैया कर"

रिमझिम बारिश

"झिमिर झिमिर गिरत हावे बदरा, चलत हे भर भर नदिया नरवा हो , किसान ,गुरुजी घलो खेत,स्कूल नई जाय सकत हे, कईसन होही लईकन के पढ़ई आऊ खेत खलिहा हो 🌧️🌧️🙏🏻😂"

कल्पनाओं से भरा एक लम्हा

"कल्पनाओं से भरा एक लम्हा रात के १ बज रहे हैं, आंखों में नींद कहां थी, बस तुम्हारी तस्वीर देखते बैठा था, और सोच रहा था कि आज तुम पर क्या लिखूं क्योंकि "

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती

"डॉ. अंबेडकर महान, बढ़ाया देश का मान। संविधान देकर सभी, दिलवाई पहचान।। समानता का दीप जला, मिटाया भेद-भाव। शिक्षा से उजियारा कर, बदला देश स्वभाव।। अधिका"

दंतेश्वरी माई

"मां दंतेश्वरी ओड़िया गीत झूली झुली आसुछी मो दंतेश्वरी माई देखी देखी ताकूं आमी हउच्छू बाई केते ढंग री असुछी मो दंतेश्वरी माई,, कांटा झुला री बसीच्छी मो"

अधूरी अनकही बातें

"अधूरी अनकही बातें जिसे कहा ना सकूं किसी से ,वह अनकही याद हो तुम । मेरे शब्दों में जो मौन बसता है, उस मौन का सार हो तुम । मेरी रातों को नींद और दिल का "

मां का आँचल

"माँ का आंचल छुट ही गया। भगवान हमसे रूठ ही गया।। माँ के आंचल से दूर हुए।। माँ के शोक में भाव विभोर हुए।। माँ तुम घर की थी आन,बान, शान।।। अब तुम बिन लगत"

नारीत्व संघर्ष और सम्मान

"*संघर्ष और सम्मान* जीवन में होता है इनका अस्तित्व , समाज के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण नारीत्व। जब जब होता नारियों के साथ अत्याचार। तब तब होता न्यायालय "

मां की ममता

"माँ तेरे आँचल में छिप जाऊँ मैं, तेरी ममता की छाँव में मुस्काऊँ मैं। दुनिया की धूप जब मुझको सताती है, तेरी गोद में हर दर्द भुल जाऊं मैं। तेरी यादों में"

झरोखों में छिपा प्रेम

"झरोखों में छिपा प्रेम, कब दिल में उतर जाता है, खामोश नज़रों से कब , रिश्ता गहरा बन जाता है। अनजाना सा कोई चेहरा, अपनापन दे जाता है, बेखबर दिल भी कब , "

बदलते मौसम

"बदलता मौसम संदेश सुनाता, पतझड़ पत्तों को दूर उड़ाता। गर्मी में धूप तपती रहती, सूरज की तेज़ रोशनी जग कहती। चाँद की शीतलता मन को भाती, रात सुकून की चादर"

विश्व ब्राह्मण दिवस पर विशेष

"ब्रह्मा के श्रीमुख से प्रकट हुई, ज्ञान-ज्योति अविराम, वेदों की वाणी गूँज उठी, बढ़ा धर्म का नाम। संस्कारों की अमृत धारा, बहती रहे सदैव, सेवा, त्याग और "

कुछ सुकून के पल

"दौड़ती भागती जिंदगी से, कुछ पल का आराम चाहिए। जीवन चलता यूं ही अनवरत, हमें एक ऐसी शाम चाहिए। जीवन में हो एक पहचान, ऐसा भी कुछ काम चाहिए। दौड़ती भागती "

स्मृतियों का स्पर्श

"***स्मृतियों का स्पर्श यादों का बसेरा होती है स्मृतियां में, जहां बचपन की खनक होती है । छोटी-छोटी यादों से,सजा हुआ होता , पुनः जीवंत सा लगता स्मृतियों"

तिलक और आज़ाद

"जन्म लिया तिलक और आज़ाद ने, भारत माँ का मान बढ़ाया, हँसते-हँसते प्राण न्योछावर कर, आज़ादी का दीप जलाया। 🇮🇳"

अनमोल उपहार बेटियां

"बाबुल के दिल का अरमान होती हैं बेटियां, घर की रौनक, आंगन की मुस्कान होती हैं बेटियां। साज-श्रृंगार की मधुर खनक होती हैं बेटियां, माँ के दुलार की जीवंत"

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