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रचनाकार की आवाज में सुनें:
जन्म लिया तिलक और आज़ाद ने, भारत माँ का मान बढ़ाया,
हँसते-हँसते प्राण न्योछावर कर, आज़ादी का दीप जलाया। 🇮🇳
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कलमकार