रचना की खोज जारी है...
विधा
तारीख
शीर्षक
रचनाकार की आवाज में सुनें:
बदलता मौसम संदेश सुनाता,
पतझड़ पत्तों को दूर उड़ाता।
गर्मी में धूप तपती रहती,
सूरज की तेज़ रोशनी जग कहती।
चाँद की शीतलता मन को भाती,
रात सुकून की चादर लाती।
दिन-रात का यह सुंदर संगम,
प्रकृति रचती अद्भुत सा क्रम।
प्रतिभा दिनेश कर
विकासखण्ड सरायपाली
0
कलमकार