Logo

काव्य कुंज

A+
A-
विधा तारीख

शीर्षक

जय जगन्नाथ महाप्रभु 🙏🏻 🌞सूरज बिखेरे स्वर्णिम किरणें, नभ मुस्काए आज, रथ पर आए जग के नाथ, मिटे सकल संताप। भक्ति, भाव और प्रेम लिए, दर्शन को व्याकुल प्राण, जय जगन्नाथ गूँजे जग में, मंगलमय हो संसार। प्रतिभा दिनेश कर सरायपाली
0

कलमकार

नाम

टिप्पणियाँ