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भावनाओं का शोर
रचनाकार की आवाज में:
भर लेती हूं कविताओं में उड़ान ,
पल भर ही सही मिट जाती है थकान,
आंखें बंद करूं तो शब्द अंगड़ाइयां लेते,
लेखनी हाथ लेकर उसे हम कागज पर उकेर देते ,
हृदय की अनंत कामनाओं से बंधी ये डोर ,
जो करते है शब्दों से अपनी भावनाओं का शोर ।।।।
प्रतिभा दिनेश कर
कलमकार