Logo

काव्य कुंज

A+
A-
🌙
विधा तारीख

मूर्ख दिवस

मूर्ख दिवस हर बार बन जाती मूर्ख पहले मां अपनी बातों में उलझाया करती थी , अब बहन सताया करती है 😌 बहनों ने हंसकर मुझे यूं मूर्ख बनाया, April Fool कहकर दिल भर-भर मुस्काया। माँ की याद से आँखों में आँसू छलक आया, शरारत में भी उनका सच्चा प्यार झलकाया। इंतज़ार कर रही थी बेसब्री से उसका, उसकी पसंद का दही बड़ा भी बनाया। दीदी तेरे हाथों का खाऊंगी, ये भी था मुझको जतलाया। वक्त बिता तब समझ आया कि छुटकी ने मुझे अप्रैल फुल बनाया । प्रतिभा दिनेश कर

कलमकार

प्रतिभा दिनेश कर

✨ Editor's Choice