"साहित्यिक यात्रा..."
""सब तय है पहले से, की किस रास्ते पर चलना है, और कहाँ रुकना है। हम तो बस किरदार हैं इस रंगमंच के, पटकथा तो पहले ही लिखी जा चुकी है। पर क्या इस तयशुदा स"
"शिवजी केवल प्रेम के प्रतीक नहीं हैं। शिवजी दानी, सरल जीवन यापन और समर्पण की पराकाष्ठा हैं। वे जहाँ एक ओर संहारक हैं, वहीं दूसरी ओर परमकल्याणकारी भी है"
""अदृश्य है मनुष्य जीवन में, मनुष्य को गहराई से समझना, जैसे समंदर में उतरकर, कोई मोती चुनना। भावनाएं अदृश्य हैं, अदृश्य है ये दर्द, मनुष्य के भीतर छुपा"
""दूसरों की कमियाँ बताना आसान है, लेकिन खुद की कमियों को जानकर उन्हें सुधारना मुश्किल है।""
""कमल का कीचड़ में जन्म लेना उसकी नियति हो सकती है, लेकिन उसका खिलना उसकी अपनी विशेषता है। महानता इस बात में नहीं कि आप कहाँ से हैं, बल्कि इसमें है कि "