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हालात कुछ भी हों, खिलना मत भूलो
रचनाकार की आवाज में:
"कमल का कीचड़ में जन्म लेना उसकी नियति हो सकती है, लेकिन उसका खिलना उसकी अपनी विशेषता है।
महानता इस बात में नहीं कि आप कहाँ से हैं, बल्कि इसमें है कि आप क्या बनकर उभरते हैं।"
कलमकार