अशोक कुमार यादव

"साहित्यिक यात्रा..."

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प्रकाशित रचना

तुम पर ही फ़िदा हूँ

"तुम पर ही फ़िदा हूँ मैं तुम्हें चाहता हूँ, तुम पर ही मर मिटा हूँ। प्यार करता हूँ तुझे, तुम पर ही फ़िदा हूँ।। धड़कनें कह रही हैं, कुछ सुनो तो ज़रा। पास"

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