अनिल जाॅंगड़े

"साहित्यिक यात्रा..."

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प्रकाशित रचना

बदलते मौसम की दस्तक

"बदलते मौसम की दस्तक। बदलते मौसम की दस्तक,सुन लो प्यारे आज, नई उमंगें साथ में लाया, गाता प्रकृति साज। ठंडी-ठंडी चली हवाएँ, महके फूलों का राज, सूखी डाली"

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