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बाल दिवस पर कविता
रचनाकार की आवाज में:
*हर बच्चा एक कलाकार है* ,
*कला ही उसका आधार है।*
*बच्चों के बिना घर सुनसान है,*
*बच्चा ही आज के सृजनहार है।*
*जब थे दिन बचपन के* ,
*वो थे बहुत सुहाने पल* ।
*उदासियों से ना था नाता* ,
*प्यार ही प्यार सबको भाता* ।
*चाचा जी के हम बच्चे प्यारे* ,
*मां बाप के राज दुलारे।*
*बचपन होता है ऐसा खजाना* ,
*लेकर आता खेल खजाना* ।
*बच्चे दुनिया के मूल्यवान* *खजाने* ,
*भविष्य ,आशा और है सपने* ।
*भविष्य ,आशा और है सपने* ।
कलमकार