Logo

काव्य कुंज

A+
A-
🌙
विधा तारीख

बाल दिवस पर कविता

*हर बच्चा एक कलाकार है* , *कला ही उसका आधार है।* *बच्चों के बिना घर सुनसान है,* *बच्चा ही आज के सृजनहार है।* *जब थे दिन बचपन के* , *वो थे बहुत सुहाने पल* । *उदासियों से ना था नाता* , *प्यार ही प्यार सबको भाता* । *चाचा जी के हम बच्चे प्यारे* , *मां बाप के राज दुलारे।* *बचपन होता है ऐसा खजाना* , *लेकर आता खेल खजाना* । *बच्चे दुनिया के मूल्यवान* *खजाने* , *भविष्य ,आशा और है सपने* । *भविष्य ,आशा और है सपने* ।

कलमकार

श्रीमती विभा सोनी शिक्षिका शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला जांजी मस्तूरी बिलासपुर

✨ Editor's Choice