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"वर्षा ऋतु"
रचनाकार की आवाज में:
बरखा रानी बरखा रानी
जल्दी से तुम आ जाओ
धरती पर नये फूल खिलेंगे
कोयल भी गाना गाएंगी
मोर मटक कर नाचेंगे
खेतों में फसलें लहराएंगे
बरखा रानी बरखा रानी
जल्दी से तुम आ जाओ
कागज की हम नाव बनाकर
पानी में घुमाएंगे
अंबर के काले बादल को
देख सभी मुस्कुराएंगे
बरखा रानी बरखा रानी
जल्दी से तुम आ जाओ
चारों ओर हरियाली देख
बच्चे खूब मुस्कुराएंगे
धरती पर नहीं फूल खिलेंगे
सबके मन हर्षाऐंगे
बरखा रानी बरखा रानी
जल्दी से तुम आ जाओ
जल्दी से तुम आ जाओ!!
कलमकार